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    Before the existence of time as mortals know it… before kingdoms rose and legend...

  • बंद लिफाफा - 2

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  • तीज का सिंधारा

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  • ಶಬ್ದವೇಧಿಯ ವೈರಸ್

    ಜಗತ್ತಿನ ಅತಿದೊಡ್ಡ ಡಿಜಿಟಲ್ ಲೈಬ್ರರಿಯ ತಳಮಹಡಿಯ, ಭೂಮಿಯಿಂದ ನೂರಾರು ಅಡಿ ಆಳದಲ್ಲಿರುವ ಆ ನಿಶ್...

  • সত্তারহস্য ( সিজন ১)

                                            (১)পাঁচদিন আগেস্থান: ভবানীপুর, কলকাতাসময...

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    समय धीरे-धीरे आगे बढ़ा। रात के ठीक 2:00 बजे, जब पूरा महल, सारे पहरेदार, सैनिक और...

  • कॉल - 2

    हर सुबह एक नई शुरुआत लेकर आती है, लेकिन आर्य की ज़िंदगी में ऐसा नहीं था। जब उसकी...

  • घुटन से स्वाभिमान तक

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  • कवी कलश: स्वराज्यनिष्ठ महाकवी - भाग 4

      कवी कलश: स्वराज्यनिष्ठ महाकवी ️ प्रकरण ४: स्वराज्यातील प्रशासन आणि योगदान संभा...

  • विलक्षण - 9

    विलक्षण भाग ९ माझ्या मनातले प्रश्न मी गौरीला विचारले.गौरी काही क्षण गप्प राहिली....

विलक्षण By Balkrishna Rane

जानेवारी २०२५जानेवारीचा महिना हवेत खुप गारवा होता. रात्रीचा एक वाजले होते.अमावस्या असल्याने सभोवताली काळोख होता.अश्या वेळी गोव्यावरून एक कार मुंबईच्या दिशेने हायवेवरून जात होती.का...

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तिजोरी By Abhay Bapat

नागपूरच्या अभेद्य सेफ कॉर्पोरेशन मधील घड्याळ रात्रीचे अकराला पाच कमी असल्याची वेळ दाखवत होतं. वज्र द्विवेदी निघण्याच्या तयारीतच होता. तेवढ्यात फोन वाजला. पाच मिनिटे उशिरा जर फोन आल...

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टाईम पॅराडॉक्स By Dr Phynicks

सूर्य मावळून गेला होता, पण डॉ. सागर पांडे च्या प्रयोगशाळेत, किंवा अधिक अचूक सांगायचे तर, त्यांच्या बंगल्याच्या तळघरात, विजेचा निळा आणि पांढरा प्रकाश अजूनही धगधगत होता.

या तळघरा...

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फ्युहररचे गुपित: आल्प्स ते अर्जेंटिना By Siddhesh Chaudhari

१. बंकरमधील शेवटची रात्र
एप्रिल १९४५ चा शेवटचा आठवडा बर्लिनसाठी यमराजाचा पाश बनून आला होता. जमिनीच्या वर, लाल सैन्याच्या (Soviet Red Army) तोफांचे आवाज थेट काळजाचा थरकाप उडवत होते...

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The Last Promise By CHIRANJIT TEWARY

धनबाद शहर , जहां के सड़को पर अशोक और राजबीर एक building से बाहर भागते हूए दिखता है । दोनो बाप बेटा शहर मे लड़कियों की smuggling और ड्रग्स का धंधा करता है , पर रुद्रा और एंथोनी जो अ...

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श्री: संघर्ष एवं प्रेम By Janshi Saroha

ये कहानी एक लड़की की है जिसका नाम श्री है ।श्री का पूरा शरीर भले की कुरूप था लेकिन पता नहीं कैसे उसका मुंह ठीक था । बोले तो सुंदर था । मुंह देख कर तो कोई कहे नहीं सकता था कि उससे क...

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खण्ड - 02 महाराणा: सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध By Hind Gaurav

बाल्यकाल एवं यौवन
सांगा की हत्या के उपरांत मेवाड़ में सत्ता पाने के लिए गृहयुद्ध छिड़ गया। उस काल का संक्षिप्त विवरण इसलिए आवश्यक हो जाता है, क्योंकि इस गृहयुद्ध का प्रताप के जीवन...

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हवेली से दफ्तर तक By prachi Gurjar

सोने का पिंजरा

हवेली बड़ी थी। इतनी बड़ी कि गौरी को बचपन में लगता था कि अगर वह एक कने से दौड़ना शुरू करे, तो साँस फल जाएगी दूसरे कोने तक पहुँचने से पहले।

सेठ धरमचंद की इकलौती...

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ડણક અને ડાંગ By Shakti Pandya

શરીર પર એક મેલું પહેરણ હતું, જે વરસાદમાં પલળીને તેની ચામડી સાથે ચોંટી ગયું હતું. પગમાં જોડા નહોતા; ખુલ્લા પગે તે કાંટા, કાંકરા અને વીંછીના દરો ખૂંદતો હતો. માથે વરસાદથી બચવા માટે એક...

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दुश्मन से पहला प्यार: द मिस्टीरियस क्वीन By Pihu Patel

रुद्र प्रताप सिंह... इस नाम से पूरा शहर काँपता था। बिजनेस की दुनिया का एक ऐसा बेताज बादशाह, जिसके एक इशारे पर अच्छे-अच्छों की किस्मत बदल जाती थी। रुद्र जितना अमीर था, उतना ही खूंखा...

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