यह कहानी "भीगे पंख" शीर्षक के अंतर्गत मोहित और सतिया के बारे में है। कहानी की शुरुआत सूर्योदय से होती है, जब रात दिन के आगमन के साथ विलीन हो रही है। कमलिया, जो सतिया को गोद में उठाकर लालजी शर्मा की हवेली की ओर जा रही है, को काम करने का पहला दिन है। उसे हल्ला द्वारा देख लिए जाने का डर है। जब सतिया हवेली के फाटक पर पहुँचती है, तो स्यामा, जो हल्ला का खास आदमी है, उसे टोकता है। कमलिया सतिया को रोकती है और उसे धैर्य रखने के लिए कहती है। कमलिया ने हल्ला से दूर रहने के लिए लालजी शर्मा के यहाँ काम करने का निर्णय लिया है, ताकि सतिया हल्ला के अत्याचार से बच सके। हल्ला द्वारा सतिया के सामने कमलिया पर किए गए बलात्कारी प्रयासों ने उसे परेशान कर रखा है। पहले ही दिन हल्ला को कमलिया के काम करने की जानकारी मिल जाती है, लेकिन वह इसे रोकने से मना कर देता है, यह सोचकर कि इसका भविष्य में उपयोग हो सकता है। कहानी सामाजिक मुद्दों, हिंसा और महिला की स्थिति को उजागर करती है। भीगे पंख - 5 by Mahesh Dewedy in Hindi Fiction Stories 3.2k 3.3k Downloads 7.7k Views Writen by Mahesh Dewedy Category Fiction Stories Read Full Story Download on Mobile Description सूर्योदय में अभी कुछ पल की देरी थी- रात्रि, जो देर से दिवस से मिलन केा प्रतीक्षारत रही थी, दिन के आगमन के साथ अपने को उसके अंक में विलीन कर रही थीं। मकानों की दीवालों के छेदों में रहने वाली गौरैया ने देर से चीं-चीं करके प्रात के आगमन की सूचना देनी प्रारम्म्भ कर रखी थी। छतों पर पिछले दिनों सूखने हेतु डाले गये अनाज के बिखरे दानों को चुगने हेतु एक दो मोंरें आ वुकीं थीे। मानिकपुर के अधितर घरों में जगहर होे चुकी थी। भग्गी काछी, महते चमार, धर्माई नाई आदि अनेक लोग अपना हल-बैल लेकर खेतों को चल दिये थे। कमलिया अधजगी सतिया को गोद में उठाकर लालजी षर्मा की हवेली केा चोर की भंाति चल पडी़ थी। काम करने के लिये वहां जाने का आज उसका पहला दिन था और हल्ला द्वारा देख लिये जाने पर रोक दिये जाने के भय से उसको धुकधुकी हो रही थी। Novels भीगे पंख यह कहानी विभिन्न मन-स्थितियों मं जी रहे तीन ऐसे पात्रों की कहानी है जो असामान्य जीवन जीने को अभिशप्त हैं। थामस ए. हैरिस नामक अमेरिका के प्रसिद्ध मनोच... More Likes This चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 by Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह by Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 by bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 by Anipayadav वाह साहब ! - 1 by Yogesh patil मेनका - भाग 1 by Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 by S Sinha More Interesting Options Hindi Short Stories Hindi Spiritual Stories Hindi Fiction Stories Hindi Motivational Stories Hindi Classic Stories Hindi Children Stories Hindi Comedy stories Hindi Magazine Hindi Poems Hindi Travel stories Hindi Women Focused Hindi Drama Hindi Love Stories Hindi Detective stories Hindi Moral Stories Hindi Adventure Stories Hindi Human Science Hindi Philosophy Hindi Health Hindi Biography Hindi Cooking Recipe Hindi Letter Hindi Horror Stories Hindi Film Reviews Hindi Mythological Stories Hindi Book Reviews Hindi Thriller Hindi Science-Fiction Hindi Business Hindi Sports Hindi Animals Hindi Astrology Hindi Science Hindi Anything Hindi Crime Stories