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यह कहानी विभिन्न मन-स्थितियों मं जी रहे तीन ऐसे पात्रों की कहानी है जो असामान्य जीवन जीने को अभिशप्त हैं। थामस ए. हैरिस नामक अमेरिका के प्रसिद्ध मनोचिकित्सक ने अपनी विश्वविख्यात पुस्तक ‘आई. ऐम. ओ. के. यू. आर. ओ. के.’ ...Read More

मानिकपुर ग्राम की भादों माह के कृष्णपक्ष की द्वितीया की वह रात्रि उस मौसम की घोरतम कालिमामय रात्रि थी- सायंकाल के पूर्व ही आकाश शांत और गम्भीर होने लगा था और फिर शन्ैा शनै पश्चिम दिशा से भूरे और ...Read More

कार्तिक का बड़ा सुहाना महीना था- न अधिक गर्म, न अधिक ठंडा। वर्षा ऋतु के पश्चात चारों ओर छाई हरियाली इतनी उत्फुल्लकारी थी कि मन और शरीर दोनों आह्लाद से भरे रहें। यह वह समय था जब मोहित सवा ...Read More

‘‘या अल्लाह....या अल्लाह......रहम कर......हाय मरी .......हाय मरी.....’’ तहसील फ़तेहपुर के विषाल परिसर में स्थित एक क्वार्टर के सीलनभरे छोटे से कमरे, जिसके फ़र्श और दीवालों का प्लास्टर बेतरतीबी से उखडा हुआ था, मंे बंसखटी पर पडी़ एक कृशकाय औरत ...Read More

सूर्योदय में अभी कुछ पल की देरी थी- रात्रि, जो देर से दिवस से मिलन केा प्रतीक्षारत रही थी, दिन के आगमन के साथ अपने को उसके अंक में विलीन कर रही थीं। मकानों की दीवालों के छेदों में ...Read More

जून की चिलचिलाती दोपहरी में हवा एकदम शांत रुकी हुई थी, परंतु फिर भी उूष्मा की लहरें ऐसे प्रवाहित हो रही थीं जैसे ईथर के माध्यम में विद्युत्चुम्बकीय लहरें प्रवाहित होती रहतीं हैं। फ़तेहपुर कस्बे के अधिकतर व्यक्ति बदन ...Read More

‘‘हट ससुर! जू का कर दओ?’’ कहकर दादी ने पिच्च से कुल्ला किया था और मोहित को अपने पेट से उतारकर अपना मुॅह धोने आंगन के परनाले की ओर दौडी़ थीं। मोहित उनकी प्रतिक्रिया देखकर खिलखिलाकर हंस पडा़ था। ...Read More

उस होली की रात्रि, जब हल्ला ने मोहित को सतिया के वक्ष पर पिचकारी से रंग मारते और सतिया द्वारा उल्लास से मुस्कराते देख लिया था, और फिर जब कमलिया हल्ला के घर गई तब लौटते समय हल्ला ने ...Read More

इंटरमीडिएट की परीक्षा प्रथम श्रणी में उत्तीर्ण कर लेने के पश्चात मोहित दिल्ली विश्वविद्यालय में बी. एस. सी. में प्रवेश लेने हेतु आया हुआ था- विश्वविद्यालय के भव्य भवन, वहां पर छात्र-छात्राओं की भीड़, उनके द्वारा पहने हुए आधुनिक ...Read More

सतिया की मीटिंग में आज बड़ी भीड़ थी। वह अपने हृदय में भरा हुआ क्षोभ, प्रतिशोध एवं तद्जनित विष का वमन कर रही थी। उसकी उत्तेजक बात सुनकर भीड़ तालियां पीटने लगी थी एवं सतिया और जोश में भरकर ...Read More

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