Cage by Mukteshwar Prasad Singh in Hindi Classic Stories PDF

पिंजड़ा

by Mukteshwar Prasad Singh Matrubharti Verified in Hindi Classic Stories

"पिंजड़ा"अनिमेश आज नये आॅफिस में ज्वाइन कर लिया था। साल भर पहले ही बदली हुई थी पर बाॅस ने मुख्यालय से बदली रुकवा दी थी। पेन्डिंग पड़े सभी प्रोजेक्ट को पूरा करने के बाद अनिमेश विरमित हो पाया था।एकाउन्ट ...Read More