कहानी "करोगे कितने और टुकड़े" प्रदीप श्रीवास्तव द्वारा लिखी गई है। यह एक व्यक्ति के अंतर्द्वंद पर केंद्रित है जो अपनी 75 साल की उम्र में एक महत्वपूर्ण और कठिन स्थिति का सामना कर रहा है। वह एकेडेमी के अध्यक्ष के रूप में एक लेखिका को पुरस्कार देने से मना कर देता है, क्योंकि उसे लगता है कि वह इसके योग्य नहीं है। इस निर्णय के लिए उसे कई प्रभावशाली लोगों का दबाव झेलना पड़ता है, लेकिन वह अपने सिद्धांतों पर अडिग रहता है। कहानी में यह दिखाया गया है कि कैसे साहित्यिक जगत में कुछ लेखिकाएँ और संपादक अपने संबंधों के बल पर अनैतिक तरीके से स्थापित होते हैं, जबकि योग्य लेखिकाएँ पीछे रह जाती हैं। मुख्य पात्र अपने निर्णय पर गर्व महसूस करता है और यह महसूस करता है कि उसने सही किया, चाहे उसे कितनी भी आलोचना का सामना करना पड़े। वह आपातकाल के दौरान भी सरकार की तानाशाही के खिलाफ खड़ा रहा और पुरस्कार वापस कर दिया। कहानी में नैतिकता, साहित्यिक मूल्यों और व्यक्तिगत संघर्ष की गहराई को दर्शाया गया है। करोगे कितने और टुकड़े - 1 by Pradeep Shrivastava in Hindi Fiction Stories 3k 2.7k Downloads 7.9k Views Writen by Pradeep Shrivastava Category Fiction Stories Read Full Story Download on Mobile Description जिस विकट अंतर्द्वंद से आज गुजर रहा हूं, अपनी अब तक की पचहत्तर साल की उम्र में पहले कभी नहीं गुजरा था। तब भी नहीं जब देश में आपातकाल लगाया गया। और तब भी नहीं जब उन्नीस सौ चौरासी के सिख दंगों के बाद एक एकेडेमी का अध्यक्ष होने के नाते एक लेखिका को पुरस्कार देने से मना किया। क्यों कि वह उस पुरस्कार के योग्य नहीं थी। और कई प्रभावशाली नेताओं से बराबर दबाव डलवा रही थी। मैं उन सबसे बेहिचक एक पल गंवाए बिना कहता था कि उसकी किताब इस योग्य भी नहीं कि किसी छोटी-मोटी एकेडेमी का उसे सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाए। Novels करोगे कितने और टुकड़े जिस विकट अंतर्द्वंद से आज गुजर रहा हूं, अपनी अब तक की पचहत्तर साल की उम्र में पहले कभी नहीं गुजरा था। तब भी नहीं जब देश में आपातकाल लगाया गया। और तब भ... More Likes This जागती परछाई - 3 by Shivani Paswan विलनेस का पुनर्जन्म अब बदला होगा - 1 by KahaniCraft वासना दैत्य ही वासना देव है! - 1 by Krayunastra THE PIANO MEN - 1 by rajan चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 by Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह by Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 by bhagwat singh naruka More Interesting Options Hindi Short Stories Hindi Spiritual Stories Hindi Fiction Stories Hindi Motivational Stories Hindi Classic Stories Hindi Children Stories Hindi Comedy stories Hindi Magazine Hindi Poems Hindi Travel stories Hindi Women Focused Hindi Drama Hindi Love Stories Hindi Detective stories Hindi Moral Stories Hindi Adventure Stories Hindi Human Science Hindi Philosophy Hindi Health Hindi Biography Hindi Cooking Recipe Hindi Letter Hindi Horror Stories Hindi Film Reviews Hindi Mythological Stories Hindi Book Reviews Hindi Thriller Hindi Science-Fiction Hindi Business Hindi Sports Hindi Animals Hindi Astrology Hindi Science Hindi Anything Hindi Crime Stories