afsar ka abhinandan - 5 by Yashvant Kothari in Hindi Humour stories PDF

अफसर का अभिनन्दन - 5

by Yashvant Kothari Matrubharti Verified in Hindi Humour stories

व्यंग्य-- चुनाव ऋतु –संहार यशवंत कोठारी हे!प्राण प्यारी .सुनयने ,मोर पंखिनी ,कमल लोचनी,सुमध्यमे , सुमुखी कान धर कर सुन और गुन ऐसा मौका बार बार नहीं आता ,इस कुसमय को सुसमय समझ और रूठना बंद ...Read More