Him Sparsh - 77 by Vrajesh Shashikant Dave in Hindi Novel Episodes PDF

हिम स्पर्श - 77

by Vrajesh Shashikant Dave Verified icon in Hindi Novel Episodes

77 “नमस्ते। हमें आप अपना मित्र समझें। मैं याना और यह विक्टर।“ “नमस्ते। किन्तु...।” वफ़ाई ने प्रत्युत्तर दिया, किन्तु वह विस्मय से भरी थी। “आप हम पर विश्वास कर सकते हो। हम आपको कोई...।” विक्टर की बात सुनकर जीत ...Read More