Khwabgah - 10 by Suraj Prakash in Hindi Novel Episodes PDF

ख़्वाबगाह - 10

by Suraj Prakash Matrubharti Verified in Hindi Novel Episodes

आधी रात को तेज गड़गड़ाहट से मेरी नींद खुली। बांसुरी जैसे हवा में डोल रही थी और चीख रही थी। मैं घबरा गयी थी कि पता नहीं क्या हो गया है। उठ कर बाल्कनी तक आयी तो देखा आसमान ...Read More