Him Sparsh - 85 by Vrajesh Shashikant Dave in Hindi Novel Episodes PDF

हिम स्पर्श - 85

by Vrajesh Shashikant Dave Matrubharti Verified in Hindi Novel Episodes

85 “जीत, क्या हुआ? तुम रुक क्यों गए? कहो जो कहना हो।“ वफ़ाई ने जीत से कहा। “दिलशा...द, डॉक्टर नेल्सन....।“ जीत आगे नहीं बोल सका। जीत के मन में प्रेम तथा धृणा के मिश्रित भाव प्रकट हो गए। ...Read More