Gulabo by Mukteshwar Prasad Singh in Hindi Classic Stories PDF

गुलाबो

by Mukteshwar Prasad Singh in Hindi Classic Stories

" गुलाबो ’’साहेबपुर कमाल स्टेशन के पश्चिमी छोर पर चालीस -पचास बनजारे कुछ दिनों से अपने तम्बुओं को तान डेरा जमाए थे। तम्बू फटी-चिटी चादरों और टेन्ट को हाथ सिलाई कर बनाये गये थे। तम्बुओं में रहने वाले मर्द ...Read More