manchaha 17 by V Dhruva in Hindi Novel Episodes PDF

मनचाहा - 17

by V Dhruva Matrubharti Verified in Hindi Novel Episodes

रिधिमा- पाखि तुम्हें देखने के लिए आंखें तरस गई थी मेरी। कैसी है तेरी तबियत? ज्यादा ठीक न लगे तो मेरे अंकल डाक्टर है उन्हें बुला लेती हुं। मैं- हे भगवान, जरा सांस तो ले-ले और मुझे भी लेने ...Read More