Das Darvaje - 30 by Subhash Neerav in Hindi Social Stories PDF

दस दरवाज़े - 30

by Subhash Neerav Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

चार साल बाद मैं इंडिया आता हूँ। उनसे विशेष रूप से मिलने जाता हूँ। इस दौरान उन्होंने अपनी कोठी बना ली है। खुश हैं। प्रकाश की शराब पीने की आदत और अधिक बढ़ चुकी है। वह दिन रात रुपया-पैसा ...Read More