Best Moral Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultur...Read More


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सूर्यकुल का सूर्यास्त - 10 By ALLA NOOR KHAN

अध्याय 10 दशानंद की कुटिल चालदशानंद से अब सब्र हो नहीं रहा था। वह तीनों भाइयों में सबसे बड़ा था, सबसे शक्तिशाली था, परंतु आज उसकी शक्ति उसके सामने फीकी पड़ रही थी। रहस्य के इस जाल...

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समय के पंख और पिता की सीख By Anant Dhish Aman

बचपन की स्मृतियाँ अक्सर जीवन के किसी मोड़ पर अचानक लौट आती हैं और फिर मन को उन गलियों में ले जाती हैं जहाँ से हमारे व्यक्तित्व की यात्रा शुरू हुई थी।आज जब मैं अपने जीवन के अनेक उता...

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खोटा सिक्का - 2 By prem chand hembram

चंद रुपयों से न तो पेट भर भोजन मिल सकता था और न ही रेल की टिकट खरीदी जा सकती थी। भूख, अपमान और अनिश्चित भविष्य की चिंता उसके साथ-साथ चल रही थी। किंतु भीतर कहीं एक सूक्ष्म स्वर उसे...

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मैं पेड़ बनना चाहती हूँ By prachi Gurjar

शहर की सबसे ऊँची इमारत की 12वीं मंज़िल पर मेरा कमरा था। खिड़की से सिर्फ़ कंक्रीट, शोर और भागती हुई गाड़ियाँ दिखती थीं।  नाम है मीरा। उम्र 26। नौकरी, डेडलाइन, बॉस की डाँट  सब था। बस...

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ટ્રેનની વાતચીત કે વર્ગીકરણ? By Munavvar Ali

લોકોનું વર્ગીકરણ તેમની વાતચીત પરથી થઈ જાય છે, એટલો બધો ફરક હોય છે એ તમે વિચાર્યું નહીં હોય.ગઈકાલે ટ્રેનમાં બે દીકરીઓ મળી. એ મોડેલોની જીવનશૈલી, બ્યુટી પાર્લરની ટિપ્સ અને લગ્નપ્રસંગન...

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लिंग्या गुरवाला लॉटरी लागली - भाग 1 By Prof Shriram V Kale

लिंग्या गुरवाला लॉटरी लागली भाग 1              कालवीतून टेंबवलीत जाणाऱ्या  रस्त्यावर  भिड्यांच्या घराकडून जरा पुढे गेल्यावर  मळे जमीन सुरू व्हायची. तिथे सड्यावरून आलेल्या व्हाळावरच...

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यादगार रायबरेली यात्रा By Sudhir Srivastava

संस्मरण यादगार रायबरेली यात्रा (पुस्तक विमोचन, कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह)      रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच का प्रथम भव्य राष्ट्रीय आयोजन दिनांक 5 मई को 'कलश उत्सव लान&#39...

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ನಾಯಿ ಬುದ್ಧಿ By Danger Writer

ಉಡುಪಿಯ ಆ ಹಳೆಯ ಮೀನು ಮಾರ್ಕೆಟ್‌ನ ಹಿಂಭಾಗದ ಓಣಿಗಳಲ್ಲಿ ಗಾಳಿ ಬೀಸುತ್ತಿರಲಿಲ್ಲ, ಬದಲಾಗಿ ಅಲ್ಲಿ ಅಸಹ್ಯದ ವಾಸನೆ ಘನೀಕರಿಸುತ್ತಿತ್ತು. ಕೊಳೆತ ಮೀನಿನ ಚೂರುಗಳು, ಹರಿದು ಬಿದ್ದ ಪ್ಲಾಸ್ಟಿಕ್ ಹಾಳೆಗಳು ಮತ್ತು ಸಮಾಜ ಎಸೆದ...

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कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 2 By miss k

दोस्तों आज मैं आपके लिए कुछ सवाल लेकर उपस्थित हुआ हूं। मुझे यकीन है कि आपके पास उनके जवाब होंगे। अच्छा तो मुझे ये बताइए कि क्या आपने कभी किसी से अपने प्यार का इजहार किया है ? पहले...

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जया देव तारी - 10 (अंतीम भाग) By Prof Shriram V Kale

जया देव तारी–अंतीम भाग १०          येशाला वाड्याबाहेर काढला त्यावेळी देवस्थानचे मानकरी  दात्ये यांचा मोठा मुलगा सदानंद देवगडात मामलेदार म्हणून आला. त्याच्या कानावर ही वार्ता गेल्या...

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मनाचा तळमळा... मुखवट्याआडचा By Dayanand Jadhav

पहाटेचे साडेपाच वाजले होते. अलार्म वाजण्यापूर्वीच माधवचे डोळे उघडले. ही त्याची कित्येक वर्षांची सवय होती. अंथरुणातून उठताना त्याच्या पाठीत एक सणक आली, पण त्याने त्याकडे नेहमीप्रमाण...

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પિતૃ દેવો ભવ By RACHNA JAIN

           મિત્રો આજે હું વાત કરવા જઈ રહી છું એવા સંબંધની જેની તુલના ઈશ્વર પણ ન કરી શકે. હા પિતા અને પુત્રીના પ્રેમ સંબંધની જેને નિઃસ્વાર્થ કહી શકાય. એટલા માટે નિ:સ્વાર્થ કે પિતાને...

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ખબર જોવા જવાની પ્રથા By Tr Mrs Snehal Rajan Jani

લેખ:- ખબર જોવા જવાની પ્રથાલેખિકા:- શ્રીમતી સ્નેહલ રાજન જાની.દ્રશ્ય 1:-"અરે મેડમ, આમ ભાગતાં ભાગતાં ક્યાં જાઓ છો? સાચવજો ક્યાંક પડી ન જવાય!" અને જ્યોતિએ સાંભળ્યું ન સાંભળ્યું કર્યું...

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Jab Papa Mere Best Friend Ban Gaye By miss k

"अगर आपको पता चले आप जिन्हें  महत्व दे रहे हैं उनके लिए आपका कोई महत्व ही नहीं है।"हर इंसान को जीवन  में एक दोस्त चाहिए। दोस्त जो हमारे साथ हमेशा खड़ा हो, हमसे दूर होकर भी...

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वोह मुलाकात By Vijay Erry

वोह मुलाकातभावपूर्ण हिंदी कहानीलेखक: विजय शर्मा ऐरीबरसात की हल्की-हल्की बूंदें आसमान से गिर रही थीं। शाम का समय था। शहर के पुराने रेलवे स्टेशन पर लोगों की भीड़ लगी हुई थी। कोई अपने...

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वट वृक्ष रूपी प्राचार्य- प्रो डॉ बिमल कुमार मिश्र By Raunak

आदर्श महा० राजधनवार के प्राचार्य प्रो० डॉ. विमल मिश्र के व्यक्तित्व पर एक विद्यार्थी की आत्मीय अभिव्यक्तिकबीर दास जी की एक पंक्ति से मैं अपनी बात आरंभ करना चाहता हूँ -“सतगुरु शब्द...

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पवित्र बहु - 15 By archana

एपिसोड – “सच के आँसू”मंदिर के कोने में बैठी चित्रअब भी रो रही थी…उसकी सिसकियाँभोलेनाथ के सामने टूट रही थीं—“मैं गलत नहीं हूँ…”तभी…धीरे-धीरे कदमों की आहट आई।चित्र ने आँसू पोंछे भी न...

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વાળની દુકાને વહેમનું વાવાઝોડું By Munavvar Ali

સાંજનો સમય. સૂરજ આથમવાની તૈયારીમાં હતો ને વાળંદની દુકાનની ટ્યુબલાઈટનો પીળો ઉજાસ રસ્તા પર પડતો હતો. હું દુકાનમાં ઘૂસ્યો ત્યારે ખુરશી ખાલી હતી. શ્યામભાઈએ સફેદ કપડું ઝાટકીને કહ્યું, "...

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कॅलेंडर मधली क्रांती..जेव्हा सासू ने सुरु केला वजा मास. By Trupti Deo

कॅलेंडरमधली क्रांती... जेव्हा सासूने सुरू केला 'वजा मास'!सध्या सगळीकडे तीन वर्षांनी येणाऱ्या पारंपारिक अधिक मासाची, म्हणजेच धोंड्याच्या महिन्याची जोरदार रेलचेल सुरू आहे. मु...

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साज़िश की गूँज By Irfan ayan Khan

गाँव की वह दोपहर और झुलसा देने वाली गर्म हवाएँ गवाह थीं कि आज एक रिश्ता दम तोड़ चुका था। धूल उड़ती उन गलियों में जब अयान के कदम घर से बाहर निकले, तो उसके पीछे सिर्फ उसकी परछाईं नहीं,...

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ટ્યુશનની બહાર: પરસેવામાં પાકેલી પાક્કી વાતો By Munavvar Ali

ગઈકાલે સાંજે જ્યારે હું ટ્યુશનમાં ગયો હતો ત્યારે સર તરફથી અમુક ખાસ વાતો સમજાવવામાં આવી.જેમાં તેમણે કહ્યું કે "નોકરી થાય જ નહીં કરવો હોય તો ધંધો જ કરાય અને મારી લાઈન તો મિકેનિક છે મ...

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ಹಸಿರು ರೆಕ್ಕೆಗಳ ಪಯಣ By Danger Writer

ಸಂಜೆ ಕೆಂಪಾದಂತೆ ಆಕಾಶದಲ್ಲಿ ಹಕ್ಕಿಗಳ ಸಾಲು ಒಂದು ನಿರ್ದಿಷ್ಟ V ಆಕಾರದಲ್ಲಿ ಸಾಗುತ್ತಿತ್ತು. ಹಳ್ಳಿಯ ಹಳೆಯ ಅಶ್ವತ್ಥ ಮರದ ಕೆಳಗೆ ಕುಳಿತಿದ್ದ ತಾತ ಮತ್ತು ಅವರ ಹತ್ತು ವರ್ಷದ ಮೊಮ್ಮಗ ಅನ್ವಿತ್ ಇದನ್ನು ಗಮನಿಸುತ್ತಿದ್ದ...

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बुझता दीपक By prem chand hembram

बुझता दीपक (एक मार्मिक कथा)कोयले की धूल और लाल मिट्टी से घिरे छोटे-से गाँव में झींगुर और जगा की दोस्ती मिसाल मानी जाती थी।लोग कहते—“एक लँगड़ा है, दूसरा आलसी…फिर भी दोनों की जोड़ी र...

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સ્પર્ધાત્મક પરીક્ષાઓ અને પેપર લીકની ઘટનાઓ By Tr Mrs Snehal Rajan Jani

લેખ:- સ્પર્ધાત્મક પરીક્ષાઓ અને પેપર લીકની ઘટનાઓ.લેખિકા:- શ્રીમતી સ્નેહલ રાજન જાની.તાજેતરમાં જ મેડીકલ ક્ષેત્રે લેવાતી NEET પરીક્ષાનું પેપર લીક થવાની માહિતિ મળી. એનાં પુરાવાઓ પણ મળ્ય...

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4500નું પેન્ટ અને 1500ની શીખ By Munavvar Ali

આજે સાંજે નોકરીએથી ઘરે પરત ફરતી વખતે ટ્રેનમાં રજા સાહેબ સાથે મુલાકાત થઈ. અમારી સામેની સીટ પર સૈયદ કાકા બેઠા હતા. રજા સાહેબ આવીને બેઠા કે તરત જ પેશાબ કરવા ઊભા થઈ ગયા. મેં તક ઝડપીને...

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मुक्त - भाग 13 By Neeraj Sharma

एक लकीर...... उपन्यास लिखने की कोशिश, इसमें है हम लोग कैसे कैसे काम कर के भी यही कहते है, हाँ परमात्मा, खुदा, अल्लाह को यही मंजूर था.....इसका धारावाहिक नहीं है ये लगातार चलती एक जो...

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जिंदगी एक परीक्षा है By Vijay Erry

---जिंदगी एक परीक्षा है लेखक: विजय शर्मा एरी  ---पहला अध्याय: कस्बे की गलियाँ और बचपनअमित का बचपन पंजाब के एक छोटे कस्बे में बीता। गलियाँ संकरी थीं, लेकिन उनमें जीवन की चहल-पहल थी।...

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मांई के मांई By Anant Dhish Aman

मनुष्य के जीवन में कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं, जिनका महत्व शब्दों में पूरी तरह व्यक्त नहीं किया जा सकता। वे रिश्ते केवल पारिवारिक संबंध नहीं होते, बल्कि जीवन की भावनात्मक जड़ों से जुड...

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कागज़ के सामने हारता इंसान - बोधार्थी रौनक़ । By Raunak

कागज़ के सामने हारता इंसान गाँव की पगडंडी पर धूल वैसे ही उड़ती है जैसे वर्षों से उड़ती आई है। फर्क इतना भर आया है कि अब आदमी के हाथ में हल कम और कागज़ ज़्यादा दिखते हैं। कागज़-जिन प...

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डबल स्टैंडर्ड By Shree Kriti

शाम का गहरा मगर सुहाना वक्त था। सत्तर वर्ष की मीरा देवी ड्राइंग रूम के आरामदेह सोफे पर बैठीं अपनी ब्याहता बेटी, चित्रा, से फोन पर बात कर रही थीं। किचन से मसालों की बड़ी ही अच्छी खु...

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कलम की स्याही और समाज का सच By Vijay Erry

इसलिए मैं अब आपको एक पूर्ण, विस्तृत, साहित्यिक शैली की हिंदी कहानी दूँगा, जो 500 शब्दों में होगी। इसमें गहराई, पात्रों का विकास, संवाद, घटनाओं का विस्तार और समाज की परतों का चित्रण...

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सूर्यकुल का सूर्यास्त - 10 By ALLA NOOR KHAN

अध्याय 10 दशानंद की कुटिल चालदशानंद से अब सब्र हो नहीं रहा था। वह तीनों भाइयों में सबसे बड़ा था, सबसे शक्तिशाली था, परंतु आज उसकी शक्ति उसके सामने फीकी पड़ रही थी। रहस्य के इस जाल...

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समय के पंख और पिता की सीख By Anant Dhish Aman

बचपन की स्मृतियाँ अक्सर जीवन के किसी मोड़ पर अचानक लौट आती हैं और फिर मन को उन गलियों में ले जाती हैं जहाँ से हमारे व्यक्तित्व की यात्रा शुरू हुई थी।आज जब मैं अपने जीवन के अनेक उता...

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खोटा सिक्का - 2 By prem chand hembram

चंद रुपयों से न तो पेट भर भोजन मिल सकता था और न ही रेल की टिकट खरीदी जा सकती थी। भूख, अपमान और अनिश्चित भविष्य की चिंता उसके साथ-साथ चल रही थी। किंतु भीतर कहीं एक सूक्ष्म स्वर उसे...

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मैं पेड़ बनना चाहती हूँ By prachi Gurjar

शहर की सबसे ऊँची इमारत की 12वीं मंज़िल पर मेरा कमरा था। खिड़की से सिर्फ़ कंक्रीट, शोर और भागती हुई गाड़ियाँ दिखती थीं।  नाम है मीरा। उम्र 26। नौकरी, डेडलाइन, बॉस की डाँट  सब था। बस...

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ટ્રેનની વાતચીત કે વર્ગીકરણ? By Munavvar Ali

લોકોનું વર્ગીકરણ તેમની વાતચીત પરથી થઈ જાય છે, એટલો બધો ફરક હોય છે એ તમે વિચાર્યું નહીં હોય.ગઈકાલે ટ્રેનમાં બે દીકરીઓ મળી. એ મોડેલોની જીવનશૈલી, બ્યુટી પાર્લરની ટિપ્સ અને લગ્નપ્રસંગન...

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लिंग्या गुरवाला लॉटरी लागली - भाग 1 By Prof Shriram V Kale

लिंग्या गुरवाला लॉटरी लागली भाग 1              कालवीतून टेंबवलीत जाणाऱ्या  रस्त्यावर  भिड्यांच्या घराकडून जरा पुढे गेल्यावर  मळे जमीन सुरू व्हायची. तिथे सड्यावरून आलेल्या व्हाळावरच...

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यादगार रायबरेली यात्रा By Sudhir Srivastava

संस्मरण यादगार रायबरेली यात्रा (पुस्तक विमोचन, कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह)      रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच का प्रथम भव्य राष्ट्रीय आयोजन दिनांक 5 मई को 'कलश उत्सव लान&#39...

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ನಾಯಿ ಬುದ್ಧಿ By Danger Writer

ಉಡುಪಿಯ ಆ ಹಳೆಯ ಮೀನು ಮಾರ್ಕೆಟ್‌ನ ಹಿಂಭಾಗದ ಓಣಿಗಳಲ್ಲಿ ಗಾಳಿ ಬೀಸುತ್ತಿರಲಿಲ್ಲ, ಬದಲಾಗಿ ಅಲ್ಲಿ ಅಸಹ್ಯದ ವಾಸನೆ ಘನೀಕರಿಸುತ್ತಿತ್ತು. ಕೊಳೆತ ಮೀನಿನ ಚೂರುಗಳು, ಹರಿದು ಬಿದ್ದ ಪ್ಲಾಸ್ಟಿಕ್ ಹಾಳೆಗಳು ಮತ್ತು ಸಮಾಜ ಎಸೆದ...

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कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 2 By miss k

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जया देव तारी - 10 (अंतीम भाग) By Prof Shriram V Kale

जया देव तारी–अंतीम भाग १०          येशाला वाड्याबाहेर काढला त्यावेळी देवस्थानचे मानकरी  दात्ये यांचा मोठा मुलगा सदानंद देवगडात मामलेदार म्हणून आला. त्याच्या कानावर ही वार्ता गेल्या...

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मनाचा तळमळा... मुखवट्याआडचा By Dayanand Jadhav

पहाटेचे साडेपाच वाजले होते. अलार्म वाजण्यापूर्वीच माधवचे डोळे उघडले. ही त्याची कित्येक वर्षांची सवय होती. अंथरुणातून उठताना त्याच्या पाठीत एक सणक आली, पण त्याने त्याकडे नेहमीप्रमाण...

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વાળની દુકાને વહેમનું વાવાઝોડું By Munavvar Ali

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बुझता दीपक By prem chand hembram

बुझता दीपक (एक मार्मिक कथा)कोयले की धूल और लाल मिट्टी से घिरे छोटे-से गाँव में झींगुर और जगा की दोस्ती मिसाल मानी जाती थी।लोग कहते—“एक लँगड़ा है, दूसरा आलसी…फिर भी दोनों की जोड़ी र...

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સ્પર્ધાત્મક પરીક્ષાઓ અને પેપર લીકની ઘટનાઓ By Tr Mrs Snehal Rajan Jani

લેખ:- સ્પર્ધાત્મક પરીક્ષાઓ અને પેપર લીકની ઘટનાઓ.લેખિકા:- શ્રીમતી સ્નેહલ રાજન જાની.તાજેતરમાં જ મેડીકલ ક્ષેત્રે લેવાતી NEET પરીક્ષાનું પેપર લીક થવાની માહિતિ મળી. એનાં પુરાવાઓ પણ મળ્ય...

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जिंदगी एक परीक्षा है By Vijay Erry

---जिंदगी एक परीक्षा है लेखक: विजय शर्मा एरी  ---पहला अध्याय: कस्बे की गलियाँ और बचपनअमित का बचपन पंजाब के एक छोटे कस्बे में बीता। गलियाँ संकरी थीं, लेकिन उनमें जीवन की चहल-पहल थी।...

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मांई के मांई By Anant Dhish Aman

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कागज़ के सामने हारता इंसान - बोधार्थी रौनक़ । By Raunak

कागज़ के सामने हारता इंसान गाँव की पगडंडी पर धूल वैसे ही उड़ती है जैसे वर्षों से उड़ती आई है। फर्क इतना भर आया है कि अब आदमी के हाथ में हल कम और कागज़ ज़्यादा दिखते हैं। कागज़-जिन प...

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डबल स्टैंडर्ड By Shree Kriti

शाम का गहरा मगर सुहाना वक्त था। सत्तर वर्ष की मीरा देवी ड्राइंग रूम के आरामदेह सोफे पर बैठीं अपनी ब्याहता बेटी, चित्रा, से फोन पर बात कर रही थीं। किचन से मसालों की बड़ी ही अच्छी खु...

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कलम की स्याही और समाज का सच By Vijay Erry

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