Tukda-Tukda Jindagi - 2 by प्रियंका गुप्ता in Hindi Social Stories PDF

टुकड़ा-टुकड़ा ज़िन्दगी - 2

by प्रियंका गुप्ता in Hindi Social Stories

फ़ैज़ान मियाँ एकदम खामोश हो गए। आलिया आखिर कैसा वादा चाह रही थी...बिन जाने कैसे खुदा को हाज़िर-नाज़िर जान कर वादा कर लें...? आलिया उनकी ख़ामोशी की आवाज़ भी सुन सकती थी, ये शायद वो अब भी नहीं समझे ...Read More