Comfort Zone ke baahar by Sapna Singh in Hindi Social Stories PDF

कंफर्ट जोन के बाहर

by Sapna Singh Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

वह गुस्से में थी! बहुत-बहुत ज्यादा गुस्से में। ‘‘साले, हरामी, कुत्ते’’ उसके मुँॅह से धाराप्रवाह गालियाँॅ निकल रही थीं। हॉँलाकि उसे बहुत सारी गालियॉँ नहीं आती थीं। हर बार वह इन्हीं दो-चार गालियों के बहुवचन इस्तेमाल करती। आज भी ...Read More