कहानी "आखर चौरासी" के इस भाग में, एक भयावह स्थिति का सामना करने वाले एक ग्रंथी की कहानी प्रस्तुत की गई है। एक हिंसक भीड़ एक छोटे से गुरुद्वारे के पास इकट्ठा होती है, जहां ग्रंथी अकेला होता है। भीड़ लूटपाट के इरादे से गुरुद्वारे के दरवाजे पर प्रहार करती है, जिससे ग्रंथी अधिक डर जाता है। वह अपनी सुरक्षा के लिए दरवाजे को बंद कर देता है और गुरु के सामने प्रार्थना करता है। जब भीड़ उसे दरवाजा खोलने के लिए बुलाती है, तो ग्रंथी ने साहस जुटाते हुए एक निर्णायक कदम उठाया। उसने अपनी तलवार पकड़ी और दरवाजा खोलकर भीड़ का सामना किया। उसकी दृढ़ता और साहस ने भीड़ को भयभीत कर दिया। ग्रंथी ने चुनौती दी कि जो उसे मारना चाहता है, वह आगे आए, लेकिन भीड़ उसकी तलवार के डर से पीछे हट जाती है। इस कहानी में भय, साहस और आत्मबलिदान के तत्व प्रमुखता से उभरते हैं, जो ग्रंथी की स्थिति को और भी गंभीर बनाते हैं। आखर चौरासी - 16 by Kamal in Hindi Moral Stories 7.1k 2.5k Downloads 5.2k Views Writen by Kamal Category Moral Stories Read Full Story Download on Mobile Description आगे को गयी उस भीड़ का जिधर को मुँह था, उधर थोड़ी दूर पर ही वहाँ का छोटा-सा गुरुद्वारा पड़ता था। वही गुरुद्वारा जहाँ हरनाम सिंह बिना नागा रोज ‘रहिरास’ का पाठ सुनने आते थे। भीड़ वहाँ पहुँच कर रुक गयी। गुरुद्वारे में उस वक्त केवल ग्रंथी था, जिसने कुछ देर पहले छत पर खड़े-खड़े जगीर सिंह के दवाखाने पर घट रही घटनाओं को अपनी आपनी भयभीत आँखों से देखा था। ग्रंथी ने तत्काल नीचे उतर कर सबसे पहला काम गुरुद्वारे का मुख्य द्वार बंद करने का किया था। फिर वह भीतर ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ के सामने मत्था टेक कर बैठ गया। उसका दिल घबरा रहा था। अकेला होने के कारण भी वह काफी भयभीत था। उसने अपनी आँखें बन्द कर लीं। उसके हिलते होंठ ‘वाहे गुरु, वाहे गुरु’ का जाप करने लगे। अभी-अभी देखा जगीर सिंह का हश्र चलचित्र की भाँति बार-बार उसके मस्तिष्क में उभर आता था। Novels आखर चौरासी कोयला खदान की गहराई से ऊपर धरती की सतह तक आने में हरनाम सिंह बुरी तरह थक चुके थे। खाखी रंग के हाफ पैंट और शर्ट पर कई जगह कोयले की कलिख लगी थी, जो खदान... More Likes This फुटपाथ की ओर जीवन by Chandrika Menon इस घर में प्यार मना है - 5 by Sonam Brijwasi रामेसर की दादी - 1 by navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 by Anshu पवित्र बहु - 1 by archana ज़िंदगी की खोज - 1 by Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 by archana More Interesting Options Hindi Short Stories Hindi Spiritual Stories Hindi Fiction Stories Hindi Motivational Stories Hindi Classic Stories Hindi Children Stories Hindi Comedy stories Hindi Magazine Hindi Poems Hindi Travel stories Hindi Women Focused Hindi Drama Hindi Love Stories Hindi Detective stories Hindi Moral Stories Hindi Adventure Stories Hindi Human Science Hindi Philosophy Hindi Health Hindi Biography Hindi Cooking Recipe Hindi Letter Hindi Horror Stories Hindi Film Reviews Hindi Mythological Stories Hindi Book Reviews Hindi Thriller Hindi Science-Fiction Hindi Business Hindi Sports Hindi Animals Hindi Astrology Hindi Science Hindi Anything Hindi Crime Stories