Biraj Bahu - 2 by Sarat Chandra Chattopadhyay in Hindi Social Stories PDF

बिराज बहू - 2

by Sarat Chandra Chattopadhyay Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

लगभग डेढ़ माह बाद... नीलाम्बर का बुखार आज सुबह उतर गया। बिराज ने उसके कपड़े बदल दिए। फर्श पर बिस्तर बिछा दिया। नीलाम्बर लेटा हुआ खिड़की की राह एक नारियल के पेड़ को देख रहा था। हरिमती उसे पंखा झल ...Read More