Maa me aa raha hu by Saroj Prajapati in Hindi Social Stories PDF

मां मैं आ रहा हूं

by Saroj Prajapati in Hindi Social Stories

इस यंत्र पर मेरी धड़कनों को घटते बढ़ते देख डॉक्टर मेरे जीवन का अनुमान लगा रहे थे।पर उन्हें क्या पता मुझमें जब जीने कि चाह ही नहीं बची तो इन सब उपकर्मों से क्या लाभ। अब तो वह घड़ी ...Read More