"बिराज बहू" कहानी में बिराज एक अस्पताल में भर्ती है, जहां वह अपनी पीड़ा और मानसिक संघर्षों का सामना कर रही है। उसे अपने पति द्वारा लगाए गए निराधार आरोपों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद वह मानसिक रूप से टूट गई। बिराज ने आत्महत्या की कोशिश की लेकिन बच गई और एक अनजान स्थान पर पहुंच गई। अस्पताल में उसे एक दयालु महिला मदद करती है, जो उसे याद दिलाती है कि उसे अपने मामा के घर जाना चाहिए। बिराज की आंखों और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं, जिससे वह खुद को कुरूप महसूस करती है। जब वह दर्पण में अपना चेहरा देखती है, तो उसे अपने रूप में काफी दर्द होता है और वह अपने पति से क्षमा मांगती है। कहानी में बिराज की मानसिक स्थिति, उसके आत्मसम्मान की हानि और उसकी पहचान को फिर से खोजने की कोशिश का चित्रण है। वह एक नए सिरे से यात्रा शुरू करती है, जिसमें वह अपने दर्द और संघर्ष को भुलाने की कोशिश कर रही है। बिराज बहू - 14 by Sarat Chandra Chattopadhyay in Hindi Moral Stories 13.6k 5.8k Downloads 13.1k Views Writen by Sarat Chandra Chattopadhyay Category Moral Stories Read Full Story Download on Mobile Description कई दिन बीत गए। बिराज हुगली अस्पताल में पड़ी हुई थी। साथ वाली औरत से जाना कि यह अस्पताल है। उसने अपनी बातों से याद करने की चेष्टा की। बहुत-कुछ बातें याद भी हो आई कि किस तरह उसके सतीत्व पर पति ने कटाक्ष किया था। पीड़ा और भूख से उसका टूटा व जर्जर शरीर निराधार आरोपों को सहन नहीं कर सका। अनेक दिनों से दुःख सहते-सहते वह पागल हो गई थी। घृणा और दंभ की मिली-जुली भावना के कारण उसने कह दिया कि उनका मुंह नहीं देखूंगी। मरने तो चली आई, पर वह मर नहीं सकी। फिर वह मानसिक दोष के कारण बजरे में चढ़ गई। नदी में कूद पड़ी और तैरकर किनारे आ गई। फिर एक घर के आगे चली गई। बस, इतना स्मरण था उसे। यह स्मरण नहीं कि उसे कौन लाया था। वह एक छिनाल है। पराये मर्द का सहारा लेकर वह घर से निकली है। Novels बिराज बहू हुगली जिले का सप्तग्राम-उसमें दो भाई नीलाम्बर व पीताम्बर रहते थे। नीलाम्बर मुर्दे जलाने, कीर्तन करने, ढोल बजाने और गांजे का दम भरने में बेजोड़ था। उस... More Likes This देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 by Anshu पवित्र बहु - 1 by archana ज़िंदगी की खोज - 1 by Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 by archana सुकून - भाग 1 by Sunita आरव और सूरज by Rohan Beniwal विक्रम और बेताल - 1 by Vedant Kana More Interesting Options Hindi Short Stories Hindi Spiritual Stories Hindi Fiction Stories Hindi Motivational Stories Hindi Classic Stories Hindi Children Stories Hindi Comedy stories Hindi Magazine Hindi Poems Hindi Travel stories Hindi Women Focused Hindi Drama Hindi Love Stories Hindi Detective stories Hindi Moral Stories Hindi Adventure Stories Hindi Human Science Hindi Philosophy Hindi Health Hindi Biography Hindi Cooking Recipe Hindi Letter Hindi Horror Stories Hindi Film Reviews Hindi Mythological Stories Hindi Book Reviews Hindi Thriller Hindi Science-Fiction Hindi Business Hindi Sports Hindi Animals Hindi Astrology Hindi Science Hindi Anything Hindi Crime Stories