Manzilon ka DALDAL - 1 by Deepak Bundela AryMoulik in Hindi Classic Stories PDF

मंज़िलों का दलदल - 1

by Deepak Bundela AryMoulik Matrubharti Verified in Hindi Classic Stories

इस क़ामयाबी के दलदल से कैसे निकलोगेजब मंज़िले -ए- ज़माना ही दलदल हो.... !****************************************गुंजन.... गुंजन.... अरे उठोगी या यू ही सारा दिन सोती रहोगी.... देखो ग्यारह बजने को हैं...और मां सीला ने गुंजन का चादर उसके मुँह से हटा ...Read More