Le dekh by Neelam Kulshreshtha in Hindi Travel stories PDF

ले देख

by Neelam Kulshreshtha Verified icon in Hindi Travel stories

ले देख नीलम कुलश्रेष्ठ मटमैली सह्रदयी पहाड़ियों पर से कैब गुज़रती जा रही थी। कभी मैदान सा आ जाता, कभी सर्पीली चढ़ाई शुरू हो जाती. मम्मी तो सापूतारा के तीन हज़ार फ़ीट की ऊंचाई के कारण कितना हंसी थीं, ...Read More