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अंश, कार्तिक, आर्यन By Renu Chaurasiya

पुलिस स्टेशन के सामने, धूप में झुलसता हुआ एक बूढ़ा आदमी घुटनों के बल पड़ा था।

उसकी आँखों के आंसू कब के सूख चुके थे, पर चेहरा अब भी रो रहा था।

उसकी कांपती उंगलियाँ जमीन पर ऐसे...

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Agent Tara By Pooja Singh

मुंबई कभी नहीं सोती.
रात के तीन बजे भी इसकी सडकों पर जिंदगी बहती रहती है—कभी रोशनी बनकर, कभी साए की तरह.
आकृति मेहता इन्हीं सायों में खडी थी.
दुनिया की नजरों में वह आज भी वही थी...

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Back for Revenge By Radhika

यह दुनिया बहुत बड़ी है और सबके खयालात भी अलग होते हैं, इसलिए मैंने आज कुछ अलग सोचा है, हां मानती हूं कि इस विषय में बहुत सी कहानियां और नोवेल्स होंगी मगर फिर भी एक अलग नजरिए से इस...

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इस घर में प्यार मना है By Sonam Brijwasi

इस घर में प्यार मना है…
क्योंकि यहाँ प्यार ने कभी किसी को पूरा नहीं छोड़ा।
या शायद…
क्योंकि इस घर का मालिक प्यार से नफरत करता है।

अध्याय 1— एक अनचाही शादी

“संस्कृति… तैयार...

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​मेरा प्यार By mamta

दरिया, परिंदे और वो अजनबी

​अज़ीम …. वह ज़ोया को जाते हुए देखता है और सोचता है— "यह कैसी अजनबी थी जो आई तो एक शोर की तरह थी (महंगी गाड़ी, रुतबा), पर छोड़ एक खामोशी गई। क्या यह...

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रेल सेवा:कुछ यादें, कुछ किस्से By Kishanlal Sharma

अजीब दास्तान है, मेरी,

चाहता था, क्या बनना

और

किस्मत

किस मोड़ पर ले आयी,

उन दिनों, मै जोधपुर विश्व विद्यालय में बी एस सी में पढ़ रहा था।

यह बात है, वर्ष 1969 की...

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प्रेम न हाट बिकाय By Pranava Bharti

कुहासों की गलियों में से गुज़रते हुए जीवन की गठरी न जाने कितनी बार नीचे गिरी, कितनी बार खुली, कितनी बार बिखरी और समेटी गई लेकिन गठरी की गाँठ बड़ी कमज़ोर रही फिर चिंदी बनकर उड़ने से उसम...

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Vulture By Ravi Bhanushali

शीर्षक: वल्चर – अँधेरे की उड़ान
विशेष एपिसोड: “रक्तपंख बनाम नरकवीर”
[दृश्य 1 – महानगर का बाहरी इलाका, संध्या]
लाल सूरज डूब रहा है। धुएँ से भरी हवा में सायरनों की आवाज़ गूँजती है...

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इतिहास के पन्नों से By S Sinha

माना जाता है कि दुनिया का लगभग 97 % इतिहास समय के साथ लुप्त होते गया है . इतिहास का लिखित विवरण करीब 6000 वर्ष पूर्व आरंभ हुआ था . इतिहास तो अनंत है फिर भी उसके पन्नों में कुछ छो...

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डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी By Jyoti Prajapati

सुबह के साढ़े पांच बजे थे। शहर की भागदौड़ अभी शुरू नहीं हुई थी, लेकिन भूपेंद्र के घर की रसोई से प्रेशर कुकर की पहली सीटी ने दिन के आगाज़ की घोषणा कर दी थी। खिड़की के बाहर हल्की ओस ज...

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इस घर में प्यार मना है By Sonam Brijwasi

इस घर में प्यार मना है…
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या शायद…
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अजीब दास्तान है, मेरी,

चाहता था, क्या बनना

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प्रेम न हाट बिकाय By Pranava Bharti

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