Kaash vo aesi vaisi hoti by Prabodh Kumar Govil in Hindi Classic Stories PDF

काश वो ऐसी वैसी होती

by Prabodh Kumar Govil Verified icon in Hindi Classic Stories

समय बदल गया। कोई सबूत, सनद या मिसाल मांगे तो शुभम दे सकता है। चालीस साल पहले एक दिन उसकी नई- नवेली दुल्हन ने उसकी ताज़ा खरीद कर लाई गई पत्रिका अपनी सहेली रीना को पढ़ने के लिए दे ...Read More