Agin Asnaan - 2 by Jaishree Roy in Hindi Love Stories PDF

अगिन असनान - 2

by Jaishree Roy Verified icon in Hindi Love Stories

अगिन असनान (2) उस दिन जोगी घर लौटा तो चाँद बंसबारी के पीछे उतर चुका था। थाली में धरी रोटी-तरकारी पानी-सा ठंडा। ढिबरी का तेल भी खत्म! पहले तो उसे खूब गुस्सा चढ़ा, आधी रात बीता कर घर की ...Read More