uttaradhikarmi by Prabodh Kumar Govil in Hindi Classic Stories PDF

उत्तराधिकर्मी

by Prabodh Kumar Govil Matrubharti Verified in Hindi Classic Stories

"उत्तराधिकर्मी" (कहानी) - प्रबोध कुमार गोविल आज खाना फ़िर नहीं बना। दोनों अलग - अलग कमरे में हाथ की कोहनी से माथा ढके सरेशाम सोते रहे। सोना तो क्या था, स्थितियों के प्रति अपनी अवज्ञा जताने का एक शिगूफ़ा ...Read More