Do balti pani - 16 by Sarvesh Saxena in Hindi Humour stories PDF

दो बाल्टी पानी - 16

by Sarvesh Saxena Matrubharti Verified in Hindi Humour stories

ठकुराइन ने मिश्राइन के घर का दरवाजा खटखटाते हुए कहा, "अरे मिश्राइन… खोलो ठकुराइन बोल रहे हैं, नंदू जो अभी जाकर बिस्तर पर सही से लेट भी नहीं पाया था, वह न चाहते हुए भी दरवाजा खोलने उठकर आया, ...Read More