Devas ki veera by Dr Jaya Anand in Hindi Classic Stories PDF

देवास की वीरा

by Dr Jaya Anand in Hindi Classic Stories

देवास की वीराप्रकृति और मन दोनों एकाकार हो रहे थे ,बाहर बादलों का गर्जन और मन के भीतर असहनीय पीड़ा का नर्तन ...देवास की महारानी वीरा की आँखे पथरा गई थीं ,अश्रु आंखों में जम से गए थे ,कैसे ...Read More