Do balti pani - 17 by Sarvesh Saxena in Hindi Humour stories PDF

दो बाल्टी पानी - 17

by Sarvesh Saxena Matrubharti Verified in Hindi Humour stories

गुप्ताइन का घर पास में होने से ठकुराइन की चीख उनके घर तक आराम से पहुंच गई |"गुप्ता जी, अरे उठो ना, देखो बाहर कौन चीख रहा है"? गुप्ता जी को जगाते हुए गुप्ताइन ने कहा |गुप्ता जी नींद ...Read More