फिर मिलेंगे... कहानी - एक महामारी से लॉक डाउन तक - 11

by Sarvesh Saxena Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

शहर के शहर सन्नाटे में डूबे थे, हर तरफ एक सन्नाटे का शोर था वो लोगों के रोने का बिलखने का शोर था, नियति हंस रही थी मानव पर, दिन-रात प्रकृति को असंतुलित करने वाले मानव आज एक लाचार ...Read More