Aadha Aadmi - 17 by Rajesh Malik in Hindi Social Stories PDF

आधा आदमी - 17

by Rajesh Malik in Hindi Social Stories

आधा आदमी अध्‍याय-17 पीछे-पीछे टीकली अम्मा भी चली गयी। ‘‘लगता हैं नया-नया बिगड़ा हैं.‘‘ दुकान में बैठे एक सज्जन ने अपने बगल वाले से कहा। ‘‘कुछ भी कहो माल मस्त हैं.‘‘ उसने भी अपनी टिप्पणी व्यक्त की। ‘‘बड़ी टाइट ...Read More