SHAHADAT by Abhinav Singh in Hindi Social Stories PDF

शहादत

by Abhinav Singh in Hindi Social Stories

शाम के 6 बज रहे हैं। श्यामलाल धीरे धीरे कदमों से घर को लौट रहे थे, घर के मोड़ पर पहुँचे तो सामने अपने द्वार पर बैठे ननकू ने टोका,’ का श्यामलाल कछु बात बनी कि नाहीं’। अपने कदमों ...Read More