mrugtrushna - 3 by Saroj Verma in Hindi Love Stories PDF

मृगतृष्णा--भाग(३)

by Saroj Verma Matrubharti Verified in Hindi Love Stories

शाकंभरी, विभूति के जाने के उपरांत तनिक गम्भीर हो चली थी, उसने सोचा यदि विभूति को उसने क्षमा कर दिया होता तो..... परंतु उसका अपराध क्षमायोग्य नहीं था, किसी भी स्त्री को उसकी अनुमति के बिना स्पर्श करना...... ...Read More