beti kaa pita by Amit Singh in Hindi Social Stories PDF

बेटी का पिता

by Amit Singh in Hindi Social Stories

"कितनी-कितनी लड़कियाँभागती हैं मन ही मनअपने रतजगे,अपनी डायरी मेंसचमुच की भागी लड़कियों सेउनकी आबादी बहुत बड़ी है।" .....आलोक धन्वा।याद आता है फ़िल्म "ओंकारा" का एक संवाद, जो एक "भगा ली गई ...Read More