Do balti pani - 23 by Sarvesh Saxena in Hindi Humour stories PDF

दो बाल्टी पानी - 23

by Sarvesh Saxena Matrubharti Verified in Hindi Humour stories

गुप्ता जी ने पिंकी की ओर घूरकर देखा और बोले “ अरे पिंकिया का जरूरत थी ऐसी आंधी पानी में पानी भरने की वह भी अंधेरे में, अरे हमें तो लगता है तूने जान बूझकर छोटी कटवाई, और तो ...Read More