स्पर्श - अनोखे रूप हे ( भाग 4 )

by Siddharth in Marathi Love Stories

देखकर आयने मे खूदको हस पडी हु खुदही पे वैसे तो पूजी जाती हु हर मंदिर मे फिरभी उलझी पडी हु खुदही की पहचान मे.. हा नारी हु मै ..हा नारी हु मै .. नित्या दिवसेंदिवस नैराश्याग्रस्त होऊ ...Read More