स्पर्श - अनोखे रूप हे ( भाग 6 )

by Siddharth in Marathi Love Stories

अगर जिना है सब कुछ भुलकर तो क्यूना खुद के अस्तित्त्व को भुला दु सारी हसी सारा जीवन नीछावर कर दु किसीं आदमी ना जानी हो एक ऐसी मै माँ बन जाऊ .. मृन्मय डॉक्टरांना भेटून घराकडे यायला ...Read More