त्रीलोक - एक अद्धभुत गाथा - 2

by Prapti Timsina in Hindi Novel Episodes

(उपन्यास)2.नंदनी अपनी मनको शांत करते हुवे सोचती है - "मुझे इसके बारेमे ज्यादा नहीं सोचना चाहिए। अगर ये प्रकृति मुझसे कुछ कहना चाहती भी हो तो वो केहेदेगी, गुरूजी ठीक ही केहे रहेहै।"नंदनी सोजती है। अगली सुबह नंदनी अपनी ...Read More