स्पर्श - अनोखे रूप हे ( भाग 10 )

by Siddharth in Marathi Love Stories

लाखो दुवाओ किस्मत से लढकर इस पल मे पाया है तुझे .. लगा था हर घाव दिलं पे यु तिर की तरह फिरभी सब कुछ भुलकर अपना बणाया है तुझे अब तो , ना तकरार है ना है किसींसे ...Read More