स्पर्श - अनोखे रूप हे ( भाग 13)

by Siddharth in Marathi Love Stories

सब कुछ देकर भी तुने अपना माना नही जरूर कोई खोट रेह गयी मुक्कद्दर के आशियाने मे मै धुंडती रही तुझं मे भगवान अकसर तुम तो विविध रंगो से सजाये पत्थर मिले . नित्या घरी पोहोचली होती ..तिला आज ...Read More