Dah-Shat - 44 by Neelam Kulshreshtha in Hindi Thriller PDF

दह--शत - 44

by Neelam Kulshreshtha Matrubharti Verified in Hindi Thriller

एपीसोड ---44 रास्ते भर उसे होली की दौज की पूजा याद आ रही है। पूजा के बाद उसकी नानी घर के बाहर के कमरे में एक लम्बा मूसल उठाकर चल देती थीं, “चलो बैरीअरा कूटें।” नन्हीं वह अपनी मम्मी ...Read More