Jasoosi ka maza - 4 by Kanupriya Gupta in Hindi Humour stories PDF

जासूसी का मज़ा भाग 4

by Kanupriya Gupta in Hindi Humour stories

चौधरी जी थोड़ी देर बाद घर वापस आए तो क्या देखते है चौधराइन सर पर चुन्नी बांधे एक हाथ माथे पर टिकाए सोफे पर पड़ी है उनने मजाकिया लहजे में पूछा “क्या हुआ ऐसे क्यों झाँसी की रानी बनी ...Read More