do balti pani - 34 by Sarvesh Saxena in Hindi Humour stories PDF

दो बाल्टी पानी - 34

by Sarvesh Saxena Matrubharti Verified in Hindi Humour stories

वर्माइन ने गोपी को संडास के बाहर बिठाया और खुद पास के तालाब से पानी भरने चली गयी, चारों ओर सन्नाटा पसरा था जो झिंगूर की आवाजों से बार बार टूट रहा था | वर्माइन गोपी को कोसते कोसते ...Read More