Laxmi ka Grihpravesh by मंजरी शर्मा in Hindi Classic Stories PDF

लक्ष्मी का गृहप्रवेश...

by मंजरी शर्मा in Hindi Classic Stories

अरे!! आप... आप लक्ष्मी जी हैं ना..." रमाकांत ने आँखों पर चश्मा लगाते हुए कहा."जी; लेकिन आप कौन? माफ़ कीजियेगा, मैंने आप को पहचाना नहीं." लक्ष्मी ने आश्चर्य से पूछा."मैं; मैं; रमाकांत. नंदकिशोर का पिता." रमाकांत ने कहा."नंदू!! नंदू ...Read More