Pratishodh - 5 by Saroj Verma in Hindi Love Stories PDF

प्रतिशोध--भाग(५)

by Saroj Verma Matrubharti Verified in Hindi Love Stories

उधर माया अपनी इस जीत पर अत्यधिक प्रसन्न थीं, उसे स्वयं पर गर्व हो रहा था कि जैसा वो चाहती थीं, बिल्कुल वही हो रहा है, सत्यकाम को मुझ पर दया है और इस दया को अब प्रेम में ...Read More