Pratishodh - 8 by Saroj Verma in Hindi Love Stories PDF

प्रतिशोध--भाग(८)

by Saroj Verma Matrubharti Verified in Hindi Love Stories

रात्रि गहराने लगी थीं, चन्द्रमा का प्रकाश भी धूमिल सा था क्योंकि कल अमावस्या है, सत्यकाम ने मणिशंकर को पुकारा___ मित्र! सो गए क्या? किन्तु मणिशंकर ने सत्यकाम के प्रश्न का कोई उत्तर ना दिया,कदाचित वो निंद्रा में ...Read More