चोलबे ना - 7 - फ्रैक्चर, प्लॉस्टर और चुनाव

by Rajeev Upadhyay in Hindi Humour stories

अभी मैं उहापोह की स्थिति में पेंडुलम की तरह डोल ही रहा था कि चच्चा हाँफते हुए कहीं चले जा रहे थे। देखकर लगा कि चिढ़े हुए हैं। जैसे उन्होंने कोई भदइला आम जेठ के महीने में खा लिए ...Read More