Sarhad - 1 by Kusum Bhatt in Hindi Social Stories PDF

सरहद - 1

by Kusum Bhatt Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

1 चीड़ के पेड़ों की टहनियां तेज हवा के दबाव से जोरां से हिलती हैं सायं-सायं के कनफोडू षोर से काँंप उठती हूँ। इन चीड़ों से ढेर सूखी पिरूल भी लगातार झर रही है। ऊपर चढ़ने की कोशिश करते ...Read More