Sri Sukta - 4 - Falshruti by Sudhakar Katekar in Marathi Spiritual Stories PDF

श्री सुक्त - 4 - फलश्रुती

by Sudhakar Katekar in Marathi Spiritual Stories

"श्रीसुक्त" "फलश्रुती"पद्मानने पद्मऊरू पद्माक्षी पद्मसम्भवे | तन्मेभजसि पद्माक्षी येन सौख्यं लभाम्यहम् ।।१।।अर्थ:-हे कमलनायने,कमल वदने,कमलस्वरूप,कमलावर बसलेल्या लक्ष्मी माते,मला ऐश्वर्य,सुख दे.अश्वदायै गोदायै धनदायै महाधने | धनं मे लभतां देवि सर्वकामांश्च देहि मे ।।२।।"अर्थ:- तू ...Read More