Best Spiritual Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Spiritual Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cu...Read More


Languages
Categories
Featured Books

મહર્ષિ ગર્ગ અને 'ગર્ગ' શબ્દનું અનાદિ રહસ્ય By Hemant pandya

મહર્ષિ ગર્ગ અને 'ગર્ગ' શબ્દનું અનાદિ રહસ્ય: જ્ઞાન, જ્યોતિષ અને શિવ-શક્તિ વિવાહનું વૈદિક સત્ય ૧. પ્રસ્તાવના: 'ગર્ગ' શબ્દનું ગૂઢ તળિયું અને પ્રાચીનતા'ગર્ગ' શબ...

Read Free

परिमाग्ने By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति (3) की व्याख्या परिमाग्ने दुश्चरिताद बयजुर्वेद--4/28भावार्थ--हे ईश्वर!आप ह#में दुष्ट आचरण से बचाएँ। इसका पूरा मंत्र अर्थ सहितयजुर्वेद (शुक्ल यजुर्वेद) अध्याय 4, मंत...

Read Free

मा भैर्मा By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति (4) की व्याख्या मा भेर्मा संविक्था अऊर्ज धतस्व"यजुर्वेद --6/35 भावार्थ --मत डर। मत घबरा। धैर्य धारण कर। इसका पूरा मंत्र यजुर्वेद 6.35 का मंत्र इस प्रकार है—मा भेर्म...

Read Free

લાલો 2 - પ્રકરણ 12 By Kamejaliya Dipak

જાદુગરે પાંજરાનો દરવાજો ખોલ્યો.“બાળકોને બહાર કાઢો,” તેણે આદેશ આપ્યો.બાળકો કંપતા પગે બહાર આવવા લાગ્યા.એક નાનકડો અમીન બાળક તો રડતો રડતો સીધો ભગવાન શ્રી કૃષ્ણ પાસે દોડી આવ્યો અને તેમન...

Read Free

कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 3 By miss k

अब आपको पता ही होगा कि दृष्टि के पिता मोहनलाल को उसकी पढ़ाई और उनके झुठ के बारे में पता चल गया था। दृष्टि के पिता एक गुस्से वाले होंने के साथ ही बहुत चालाक है। उन्हें पता है कि जबर...

Read Free

सदाचार By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति (3) की व्याख्या परिमाग्ने दुश्चरिताद बाधस्व"यजुर्वेद--4/28भावार्थ--हे ईश्वर!आप हमें दुष्ट आचरण से बचाएँ। इसका पूरा मंत्र अर्थ सहितयजुर्वेद (शुक्ल यजुर्वेद) अध्याय 4...

Read Free

स्वर्ग का दरवाजा - 8 By Author Pawan Singh

अध्याय - 8 आर्यावर्त और द्रविड़ में विभाजन  अक्सर ये बहस सुनने को आती है जहां हम आर्यन को विदेशी और द्रविड़ को सच्चे भारतीय मानते हैं। लेकिन क्या आर्यन सच में विदेशी हैं? 19वीं और...

Read Free

అర్జును - 1 By Hema

"ఈ పాము ఎందుకు నా వెంటే పడుతోంది? ఇంకా ఎంత దూరం ఉంది ఈ అడవి? అమ్మా.. నా వల్ల కావట్లేదు.. ఇంక నేను ఒక్క అడుగు కూడా వేయలేను!"చుట్టూ కటిక చీకటి. అది అడవి కాదు, ఒక చీకటి సొరంగం లాంటి భ...

Read Free

शैतानी घाटी का सफर - 11 By RAAHULL SHARMA

पूरी घाटी में अब वो पुरानी सड़ांध और खौफनाक सन्नाटा नहीं था। जैसे ही उस महा-दानव की राख हवा में उड़ी, पूरी घाटी ने अपनी करवट बदल ली।वह पथरीली और सुखी मिट्टी अब मखमली हरी घास में तब्द...

Read Free

चेतन और अवचेतन मन By Kapil Tiwari

सिगमंड फ्रायड के अनुसार मनुष्य का मन एक नहीं होता, बल्कि यह अलग-अलग स्तरों पर काम करता है। उन्होंने मन को तीन हिस्सों में समझाया—इदं, अहम् और पराअहम्। इन तीनों के बीच का संबंध ही ह...

Read Free

धर्म में पवित्रता By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति (2) की व्याख्या "तनूपा  अग्निःपातु दुरितादलद्यात"यजुर्वेद--4/15ईश्वर हमें यह मंत्र यजुर्वेद 4.15 का अंश है। इसका भाव अत्यंत प्रेरणादायक है।मंत्र"तनूपा अग्ने! पातु द...

Read Free

कालू की पहाड़ी - 12 By RAAHULL SHARMA

बुजुर्ग की आंखों से बहते आंसू अब रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। उन्होंने अपनी फटी हुई आवाज़ में उस धोखे की परतें खोलनी शुरू कीं, जिसे सुनकर कार्तिक का कलेजा कांप उठा।प्यार का मायाजाल...

Read Free

त्रयम्बकं यजामहे By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति~(1) की व्याख्या"त्रयम्बकं यजामहे"त्रयम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टि वर्धनम्"यजुर्वेद --3/60भावार्थ --हम तीन नेत्रों वाले भगवान् शिव की उपासना करते हैं जो सुगन्ध की भा...

Read Free

Astrological Remedies पर प्रश्नउत्तर By yeash shah

(1)  *प्रश्न : क्या टोने टोटके काम करते है?* उत्तर: टोने टोटके, शगुन अपशगुन, यह सब पारंपरिक लोकवाद के आधार पर समाज में प्रचलित है। और इसके पीछे केवल मान्यताओं का प्रभाव है। जब कोई...

Read Free

యోగి వేమన By ch Pratap

తెలుగు సాహిత్య చరిత్రలో యోగి వేమనకు అపూర్వమైన స్థానం ఉంది. ఆయన కేవలం కవి మాత్రమే కాదు; యోగి, తాత్వికుడు, సామాజిక సంస్కర్త, మానవతావాది కూడా. సాధారణ ప్రజలు సులభంగా అర్థం చేసుకునే భాష...

Read Free

ભગવદગીતા અધ્યાય ૬ શ્લોક ૯. By yeash shah

ભગવદગીતા અધ્યાય ૬ શ્લોક ૯.------------------------------(૧) પ્રેમી  - હૃદય થી પ્રેમ કરનાર (રાધા/ માતા પિતા પત્નીઓ) - પ્રેમ,પોષણ પ્રસન્નતા(૨) મિત્ર -  સુખ દુઃખ માં સાથે રહેનાર (ઉદ્ધ...

Read Free

ગુરુ કેટલા પ્રકારના હોય છે? By Dada Bhagwan

ગુરુપૂર્ણિમા એટલે ગુરુનો મહિમા ઊજવવાનો, તેને વ્યક્ત કરવાનો અવસર. ગુરુ એટલે ગાઈડ, ભોમિયો. જીવનમાં આપણને ડગલે ને પગલે ગુરુની જરૂર પડે છે. નાનપણમાં મા-બાપની, ભણવા માટે સ્કૂલ કે કોલેજો...

Read Free

కర్తవ్యమే పరమారాధన By ch Pratap

మనిషి ఎందుకు పనిచేస్తాడు? జీవనోపాధి కోసం, కుటుంబ పోషణ కోసం, సమాజానికి తన వంతు సేవ చేయడం కోసం. అయితే భారతీయ ఆధ్యాత్మిక దృష్టిలో మానవ జీవితం కేవలం ఉపాధి సంపాదనకే పరిమితం కాదు. వేదాలు...

Read Free

જ્ઞાન સભર સરિતા ગીતા, કર્મયોગ કવિતા ગીતા… By ANKIT

શ્રીમદ્ ભગવદ્ ગીતા એ માત્ર એક પવિત્ર ધાર્મિક ગ્રંથ નથી, પરંતુ માનવ જીવનને સાચી દિશા આપનારી એક દિવ્ય માર્ગદર્શિકા છે. ઉપરોક્ત સુંદર પંક્તિઓનો ગહન અર્થવિસ્તાર કરીએ તો સમજાય છે કે ગીત...

Read Free

सदगुरू और सत दीक्षा By prem chand hembram

जयगुरु कलियुग में मनुष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता — सत्य की खोज, सद्गुरु और सत्-दीक्षाप्रस्तावनाआज का मनुष्य विज्ञान और तकनीक के युग में जी रहा है। उसने आकाश की ऊँचाइयों को छुआ है, सम...

Read Free

प्रेम By Kapil Tiwari

प्रेम-प्रेम सब कोइ कहैं, प्रेम न चीन्है कोय।जा मारग साहिब मिलै, प्रेम कहावै सोय॥~ कबीर साहबप्रेम प्रेम सब कहते हैं, पर प्रेम को सच में बहुत कम लोग जानते हैं। प्रेम कोई शब्द नहीं, क...

Read Free

वेदान्त 2.0 - भाग 42 By Vedanta Life Agyat Agyani

वेदांत 2.0 लाइफ: अस्तित्व-आधारित जीवन सिद्धांतपुस्तक का मुख्य संदेश (The Core Hook):"यह पुस्तक पढ़ने की नहीं, जीने की पुस्तक है। यह आपको किसी निष्कर्ष पर विश्वास करने के लिए नहीं क...

Read Free

ઇસ્લામિક સ્ટોરી - 19 By Amir Ali Daredia

ઈસ્લામિક સ્ટોરી 19       હઝરત અલીની સમજાવટ પછી બન્ને પક્ષના સૈનિકો પોતપોતાના તંબુઓ માં જઈને સુઈ ગયા.પણ જેમણે હઝરત ઉસ્માનની હત્યા કરાવી હતી. એ કાવતરાબાજોના માણસો બન્ને તરફના લશ્કરોમ...

Read Free

कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 4 By miss k

आज में ऐसी बातें करने जा रही हुं जो शायद सभी के मन में कभी न कभी आई ही होगी ‌। या तो कोई किसी को बताना जरूरी नहीं समझते या फिर शर्म के कारण कहते नहीं है अक्सर में भी ऐसी बातें किसी...

Read Free

योग क्षेमं वहाम्यहम् By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-- (१५) की व्याख्या तवेद्धि सख्यम् स्तृतम्।   १/१५/५भावार्थ -प्रभो ! आपकी ही मैत्री सच्ची है। पद-विश्लेषण--तव = तेरा / आपकाएव इद्धि (एव इद्धि/एव हि) = निश्चय ह...

Read Free

सात फेरो का वादा By kanta

---*Chapter 1: कीचड़ और किस्मत ~ 900 शब्द*जयपुर में सावन की पहली बारिश थी। सड़कें तालाब बन गई थीं। अनाया शर्मा, 24 साल। एक MNC में HR Executive। सैलरी 25 हजार। घर में पापा टीचर, मम...

Read Free

देव मार्ग By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-- (56) की व्याख्या " भद्रं कर्णेभि: श्रृणुयाम देव:"ऋगुवेद --1/89/8अर्थ--  हे ईश्वर ! हम अपने कानों से शुभ सुनें।यह ऋग्वेद का अत्यंत प्रसिद्ध शांति मंत्र है:मंत्र (ऋग्...

Read Free

सीक्रेट:वो लड़की - 2 By kanta

---*नोवेल: "सीक्रेट: वो लड़की"*  *Chapter 2: "मिस्टीरियस गर्ल" कॉलेज का सालाना फेयर। पूरे कैंपस में रंग-बिरंगी लाइटें, म्यूजिक, खाने की खुशबू और शोर। दिल्ली का सबसे महंगा कॉलेज था।...

Read Free

ऋतं च सत्यं च By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-- (55) की व्याख्या "ऋतं च सत्यं च"ऋगुवेद--10/190/1अर्थ --नियम और सत्य ही (जगत का) आधार है।आपने जो मंत्र दिया है — “ऋतं च सत्यं च” — यह ऋग्वेद के मंडल 10, सूक्त 190, म...

Read Free

आत्मीय सुख By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति--(२०) की व्याख्या "कृत्वा चेतिष्ठो विश्वार्म्भूत"" १/६५/५भावार्थ --पदच्छेद (संकेतात्मक)कृत्वा । चेतिष्ठः । विश्वम् । अर्मभूत् (अर्म = स्नेह/हित)भावार्थ--प्रात: जा...

Read Free

परलोक By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति--(35) की व्याख्या "स न: पर्षदति द्विष:"।ऋगुवेद 10-187-5भाव--वह परमात्मा हमें सब कष्टों से पार करे।पदच्छेद--सः । नः । पर्षत् । अति । द्विषः ।शब्दार्थसः – वह (परमात्मा)...

Read Free

डर By Kapil Tiwari

अध्यात्म का बहुत सीधा और सरल अर्थ है—ख़ुद को जानना। (‘अधि + आत्म’) यानी आत्म के और करीब आना। अपने “मैं” को, अपने अहं को, और अपनी वृत्तियों को समझना ही अध्यात्म है। डर, क्रोध, प्रेम...

Read Free

क्या दीक्षा आवश्यक है ? By prem chand hembram

जयगुरु क्या दीक्षा आवश्यक है? — शास्त्र, संत और मानवता की दृष्टि से एक विचारभारतीय सनातन आध्यात्मिक परंपरा में "दीक्षा" केवल एक धार्मिक संस्कार नहीं, बल्कि जीवन के रूपांतरण का आरंभ...

Read Free

मैं और वो जिन्न (एक अन्खाही कहानी) - 1 By shahina shah

कहते हैं कुछ कहानियाँ सिर्फ लिखी नहीं जातीं. वो महसूस की जाती हैं.ये कहानी है सना की. एक ऐसी लडकी की जिसकी जिंदगी बाहर से बिल्कुल आम थी, लेकिन उसके बचपन से ही एक ऐसा राज जुडा था जि...

Read Free

बचपन की मौलिकता और मौलिक प्रश्नों की मृत्यु By Vedanta Life Agyat Agyani

बचपन की मौलिकता और मौलिक प्रश्नों की मृत्यु​(वेदांत 2.0 का एक दृष्टिकोण)​मनुष्य जन्म के समय किसी धर्म, ईश्वर, आत्मा, स्वर्ग, नरक, मोक्ष, पाप या पुण्य की अवधारणा लेकर पैदा नहीं होता...

Read Free

સૂર્ય ને રામ કેમ કહેવાયા? By Ashish

સૂર્યને જ "રામ" કેમ કહેવામાં આવ્યા? — ઇતિહાસથી New Age સુધીનો એક વિચારપ્રેરક અભ્યાસભારતીય સંસ્કૃતિમાં "રામ" માત્ર એક ઐતિહાસિક મહાપુરુષ કે ભગવાનનું નામ નથી. "રામ" એ પ્રકાશ, ધર્મ, ચે...

Read Free

అంతరంగ శుద్ధి By ch Pratap

కామ క్రోధ మోహ లోభ మద మాత్సర్యాలు అనే ఆరు దుర్గుణాలను అరిషడ్వర్గాలని అంటారు. మానవ హృదయంలో దాగివుండే ఈ అంతశ్శత్రువులు అత్యంత ప్రమాదకరమైనవి. వీటితో పాటు అహంకారం, ఈర్ష్య, అసూయ, ద్వేషాల...

Read Free

मृत्यु पर विजय By Vijay Erry

मृत्यु पर विजयएक आध्यात्मिक कथा— विजय शर्मा 'एरी' —सीमा पर बर्फ गिर रही थी। मेजर दिग्विजय सिंह बंकर की दीवार से पीठ टिकाए बैठे थे, और उनके दाहिने कंधे से रिसता हुआ रक्त बर्...

Read Free

सब ताले की एक चाबी By prem chand hembram

जयगुरु,सब ताले की एक चाबीभूमिकासंसार में असंख्य समस्याएँ हैं—गरीबी, हिंसा, भ्रष्टाचार, पारिवारिक विघटन, तनाव, अनिद्रा, अकेलापन, नशा, असंतोष, युद्ध और नैतिक पतन। देखने में ये सब अलग...

Read Free

મહર્ષિ ગર્ગ અને 'ગર્ગ' શબ્દનું અનાદિ રહસ્ય By Hemant pandya

મહર્ષિ ગર્ગ અને 'ગર્ગ' શબ્દનું અનાદિ રહસ્ય: જ્ઞાન, જ્યોતિષ અને શિવ-શક્તિ વિવાહનું વૈદિક સત્ય ૧. પ્રસ્તાવના: 'ગર્ગ' શબ્દનું ગૂઢ તળિયું અને પ્રાચીનતા'ગર્ગ' શબ...

Read Free

परिमाग्ने By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति (3) की व्याख्या परिमाग्ने दुश्चरिताद बयजुर्वेद--4/28भावार्थ--हे ईश्वर!आप ह#में दुष्ट आचरण से बचाएँ। इसका पूरा मंत्र अर्थ सहितयजुर्वेद (शुक्ल यजुर्वेद) अध्याय 4, मंत...

Read Free

मा भैर्मा By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति (4) की व्याख्या मा भेर्मा संविक्था अऊर्ज धतस्व"यजुर्वेद --6/35 भावार्थ --मत डर। मत घबरा। धैर्य धारण कर। इसका पूरा मंत्र यजुर्वेद 6.35 का मंत्र इस प्रकार है—मा भेर्म...

Read Free

લાલો 2 - પ્રકરણ 12 By Kamejaliya Dipak

જાદુગરે પાંજરાનો દરવાજો ખોલ્યો.“બાળકોને બહાર કાઢો,” તેણે આદેશ આપ્યો.બાળકો કંપતા પગે બહાર આવવા લાગ્યા.એક નાનકડો અમીન બાળક તો રડતો રડતો સીધો ભગવાન શ્રી કૃષ્ણ પાસે દોડી આવ્યો અને તેમન...

Read Free

कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 3 By miss k

अब आपको पता ही होगा कि दृष्टि के पिता मोहनलाल को उसकी पढ़ाई और उनके झुठ के बारे में पता चल गया था। दृष्टि के पिता एक गुस्से वाले होंने के साथ ही बहुत चालाक है। उन्हें पता है कि जबर...

Read Free

सदाचार By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति (3) की व्याख्या परिमाग्ने दुश्चरिताद बाधस्व"यजुर्वेद--4/28भावार्थ--हे ईश्वर!आप हमें दुष्ट आचरण से बचाएँ। इसका पूरा मंत्र अर्थ सहितयजुर्वेद (शुक्ल यजुर्वेद) अध्याय 4...

Read Free

स्वर्ग का दरवाजा - 8 By Author Pawan Singh

अध्याय - 8 आर्यावर्त और द्रविड़ में विभाजन  अक्सर ये बहस सुनने को आती है जहां हम आर्यन को विदेशी और द्रविड़ को सच्चे भारतीय मानते हैं। लेकिन क्या आर्यन सच में विदेशी हैं? 19वीं और...

Read Free

అర్జును - 1 By Hema

"ఈ పాము ఎందుకు నా వెంటే పడుతోంది? ఇంకా ఎంత దూరం ఉంది ఈ అడవి? అమ్మా.. నా వల్ల కావట్లేదు.. ఇంక నేను ఒక్క అడుగు కూడా వేయలేను!"చుట్టూ కటిక చీకటి. అది అడవి కాదు, ఒక చీకటి సొరంగం లాంటి భ...

Read Free

शैतानी घाटी का सफर - 11 By RAAHULL SHARMA

पूरी घाटी में अब वो पुरानी सड़ांध और खौफनाक सन्नाटा नहीं था। जैसे ही उस महा-दानव की राख हवा में उड़ी, पूरी घाटी ने अपनी करवट बदल ली।वह पथरीली और सुखी मिट्टी अब मखमली हरी घास में तब्द...

Read Free

चेतन और अवचेतन मन By Kapil Tiwari

सिगमंड फ्रायड के अनुसार मनुष्य का मन एक नहीं होता, बल्कि यह अलग-अलग स्तरों पर काम करता है। उन्होंने मन को तीन हिस्सों में समझाया—इदं, अहम् और पराअहम्। इन तीनों के बीच का संबंध ही ह...

Read Free

धर्म में पवित्रता By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति (2) की व्याख्या "तनूपा  अग्निःपातु दुरितादलद्यात"यजुर्वेद--4/15ईश्वर हमें यह मंत्र यजुर्वेद 4.15 का अंश है। इसका भाव अत्यंत प्रेरणादायक है।मंत्र"तनूपा अग्ने! पातु द...

Read Free

कालू की पहाड़ी - 12 By RAAHULL SHARMA

बुजुर्ग की आंखों से बहते आंसू अब रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। उन्होंने अपनी फटी हुई आवाज़ में उस धोखे की परतें खोलनी शुरू कीं, जिसे सुनकर कार्तिक का कलेजा कांप उठा।प्यार का मायाजाल...

Read Free

त्रयम्बकं यजामहे By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति~(1) की व्याख्या"त्रयम्बकं यजामहे"त्रयम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टि वर्धनम्"यजुर्वेद --3/60भावार्थ --हम तीन नेत्रों वाले भगवान् शिव की उपासना करते हैं जो सुगन्ध की भा...

Read Free

Astrological Remedies पर प्रश्नउत्तर By yeash shah

(1)  *प्रश्न : क्या टोने टोटके काम करते है?* उत्तर: टोने टोटके, शगुन अपशगुन, यह सब पारंपरिक लोकवाद के आधार पर समाज में प्रचलित है। और इसके पीछे केवल मान्यताओं का प्रभाव है। जब कोई...

Read Free

యోగి వేమన By ch Pratap

తెలుగు సాహిత్య చరిత్రలో యోగి వేమనకు అపూర్వమైన స్థానం ఉంది. ఆయన కేవలం కవి మాత్రమే కాదు; యోగి, తాత్వికుడు, సామాజిక సంస్కర్త, మానవతావాది కూడా. సాధారణ ప్రజలు సులభంగా అర్థం చేసుకునే భాష...

Read Free

ભગવદગીતા અધ્યાય ૬ શ્લોક ૯. By yeash shah

ભગવદગીતા અધ્યાય ૬ શ્લોક ૯.------------------------------(૧) પ્રેમી  - હૃદય થી પ્રેમ કરનાર (રાધા/ માતા પિતા પત્નીઓ) - પ્રેમ,પોષણ પ્રસન્નતા(૨) મિત્ર -  સુખ દુઃખ માં સાથે રહેનાર (ઉદ્ધ...

Read Free

ગુરુ કેટલા પ્રકારના હોય છે? By Dada Bhagwan

ગુરુપૂર્ણિમા એટલે ગુરુનો મહિમા ઊજવવાનો, તેને વ્યક્ત કરવાનો અવસર. ગુરુ એટલે ગાઈડ, ભોમિયો. જીવનમાં આપણને ડગલે ને પગલે ગુરુની જરૂર પડે છે. નાનપણમાં મા-બાપની, ભણવા માટે સ્કૂલ કે કોલેજો...

Read Free

కర్తవ్యమే పరమారాధన By ch Pratap

మనిషి ఎందుకు పనిచేస్తాడు? జీవనోపాధి కోసం, కుటుంబ పోషణ కోసం, సమాజానికి తన వంతు సేవ చేయడం కోసం. అయితే భారతీయ ఆధ్యాత్మిక దృష్టిలో మానవ జీవితం కేవలం ఉపాధి సంపాదనకే పరిమితం కాదు. వేదాలు...

Read Free

જ્ઞાન સભર સરિતા ગીતા, કર્મયોગ કવિતા ગીતા… By ANKIT

શ્રીમદ્ ભગવદ્ ગીતા એ માત્ર એક પવિત્ર ધાર્મિક ગ્રંથ નથી, પરંતુ માનવ જીવનને સાચી દિશા આપનારી એક દિવ્ય માર્ગદર્શિકા છે. ઉપરોક્ત સુંદર પંક્તિઓનો ગહન અર્થવિસ્તાર કરીએ તો સમજાય છે કે ગીત...

Read Free

सदगुरू और सत दीक्षा By prem chand hembram

जयगुरु कलियुग में मनुष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता — सत्य की खोज, सद्गुरु और सत्-दीक्षाप्रस्तावनाआज का मनुष्य विज्ञान और तकनीक के युग में जी रहा है। उसने आकाश की ऊँचाइयों को छुआ है, सम...

Read Free

प्रेम By Kapil Tiwari

प्रेम-प्रेम सब कोइ कहैं, प्रेम न चीन्है कोय।जा मारग साहिब मिलै, प्रेम कहावै सोय॥~ कबीर साहबप्रेम प्रेम सब कहते हैं, पर प्रेम को सच में बहुत कम लोग जानते हैं। प्रेम कोई शब्द नहीं, क...

Read Free

वेदान्त 2.0 - भाग 42 By Vedanta Life Agyat Agyani

वेदांत 2.0 लाइफ: अस्तित्व-आधारित जीवन सिद्धांतपुस्तक का मुख्य संदेश (The Core Hook):"यह पुस्तक पढ़ने की नहीं, जीने की पुस्तक है। यह आपको किसी निष्कर्ष पर विश्वास करने के लिए नहीं क...

Read Free

ઇસ્લામિક સ્ટોરી - 19 By Amir Ali Daredia

ઈસ્લામિક સ્ટોરી 19       હઝરત અલીની સમજાવટ પછી બન્ને પક્ષના સૈનિકો પોતપોતાના તંબુઓ માં જઈને સુઈ ગયા.પણ જેમણે હઝરત ઉસ્માનની હત્યા કરાવી હતી. એ કાવતરાબાજોના માણસો બન્ને તરફના લશ્કરોમ...

Read Free

कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 4 By miss k

आज में ऐसी बातें करने जा रही हुं जो शायद सभी के मन में कभी न कभी आई ही होगी ‌। या तो कोई किसी को बताना जरूरी नहीं समझते या फिर शर्म के कारण कहते नहीं है अक्सर में भी ऐसी बातें किसी...

Read Free

योग क्षेमं वहाम्यहम् By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-- (१५) की व्याख्या तवेद्धि सख्यम् स्तृतम्।   १/१५/५भावार्थ -प्रभो ! आपकी ही मैत्री सच्ची है। पद-विश्लेषण--तव = तेरा / आपकाएव इद्धि (एव इद्धि/एव हि) = निश्चय ह...

Read Free

सात फेरो का वादा By kanta

---*Chapter 1: कीचड़ और किस्मत ~ 900 शब्द*जयपुर में सावन की पहली बारिश थी। सड़कें तालाब बन गई थीं। अनाया शर्मा, 24 साल। एक MNC में HR Executive। सैलरी 25 हजार। घर में पापा टीचर, मम...

Read Free

देव मार्ग By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-- (56) की व्याख्या " भद्रं कर्णेभि: श्रृणुयाम देव:"ऋगुवेद --1/89/8अर्थ--  हे ईश्वर ! हम अपने कानों से शुभ सुनें।यह ऋग्वेद का अत्यंत प्रसिद्ध शांति मंत्र है:मंत्र (ऋग्...

Read Free

सीक्रेट:वो लड़की - 2 By kanta

---*नोवेल: "सीक्रेट: वो लड़की"*  *Chapter 2: "मिस्टीरियस गर्ल" कॉलेज का सालाना फेयर। पूरे कैंपस में रंग-बिरंगी लाइटें, म्यूजिक, खाने की खुशबू और शोर। दिल्ली का सबसे महंगा कॉलेज था।...

Read Free

ऋतं च सत्यं च By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-- (55) की व्याख्या "ऋतं च सत्यं च"ऋगुवेद--10/190/1अर्थ --नियम और सत्य ही (जगत का) आधार है।आपने जो मंत्र दिया है — “ऋतं च सत्यं च” — यह ऋग्वेद के मंडल 10, सूक्त 190, म...

Read Free

आत्मीय सुख By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति--(२०) की व्याख्या "कृत्वा चेतिष्ठो विश्वार्म्भूत"" १/६५/५भावार्थ --पदच्छेद (संकेतात्मक)कृत्वा । चेतिष्ठः । विश्वम् । अर्मभूत् (अर्म = स्नेह/हित)भावार्थ--प्रात: जा...

Read Free

परलोक By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति--(35) की व्याख्या "स न: पर्षदति द्विष:"।ऋगुवेद 10-187-5भाव--वह परमात्मा हमें सब कष्टों से पार करे।पदच्छेद--सः । नः । पर्षत् । अति । द्विषः ।शब्दार्थसः – वह (परमात्मा)...

Read Free

डर By Kapil Tiwari

अध्यात्म का बहुत सीधा और सरल अर्थ है—ख़ुद को जानना। (‘अधि + आत्म’) यानी आत्म के और करीब आना। अपने “मैं” को, अपने अहं को, और अपनी वृत्तियों को समझना ही अध्यात्म है। डर, क्रोध, प्रेम...

Read Free

क्या दीक्षा आवश्यक है ? By prem chand hembram

जयगुरु क्या दीक्षा आवश्यक है? — शास्त्र, संत और मानवता की दृष्टि से एक विचारभारतीय सनातन आध्यात्मिक परंपरा में "दीक्षा" केवल एक धार्मिक संस्कार नहीं, बल्कि जीवन के रूपांतरण का आरंभ...

Read Free

मैं और वो जिन्न (एक अन्खाही कहानी) - 1 By shahina shah

कहते हैं कुछ कहानियाँ सिर्फ लिखी नहीं जातीं. वो महसूस की जाती हैं.ये कहानी है सना की. एक ऐसी लडकी की जिसकी जिंदगी बाहर से बिल्कुल आम थी, लेकिन उसके बचपन से ही एक ऐसा राज जुडा था जि...

Read Free

बचपन की मौलिकता और मौलिक प्रश्नों की मृत्यु By Vedanta Life Agyat Agyani

बचपन की मौलिकता और मौलिक प्रश्नों की मृत्यु​(वेदांत 2.0 का एक दृष्टिकोण)​मनुष्य जन्म के समय किसी धर्म, ईश्वर, आत्मा, स्वर्ग, नरक, मोक्ष, पाप या पुण्य की अवधारणा लेकर पैदा नहीं होता...

Read Free

સૂર્ય ને રામ કેમ કહેવાયા? By Ashish

સૂર્યને જ "રામ" કેમ કહેવામાં આવ્યા? — ઇતિહાસથી New Age સુધીનો એક વિચારપ્રેરક અભ્યાસભારતીય સંસ્કૃતિમાં "રામ" માત્ર એક ઐતિહાસિક મહાપુરુષ કે ભગવાનનું નામ નથી. "રામ" એ પ્રકાશ, ધર્મ, ચે...

Read Free

అంతరంగ శుద్ధి By ch Pratap

కామ క్రోధ మోహ లోభ మద మాత్సర్యాలు అనే ఆరు దుర్గుణాలను అరిషడ్వర్గాలని అంటారు. మానవ హృదయంలో దాగివుండే ఈ అంతశ్శత్రువులు అత్యంత ప్రమాదకరమైనవి. వీటితో పాటు అహంకారం, ఈర్ష్య, అసూయ, ద్వేషాల...

Read Free

मृत्यु पर विजय By Vijay Erry

मृत्यु पर विजयएक आध्यात्मिक कथा— विजय शर्मा 'एरी' —सीमा पर बर्फ गिर रही थी। मेजर दिग्विजय सिंह बंकर की दीवार से पीठ टिकाए बैठे थे, और उनके दाहिने कंधे से रिसता हुआ रक्त बर्...

Read Free

सब ताले की एक चाबी By prem chand hembram

जयगुरु,सब ताले की एक चाबीभूमिकासंसार में असंख्य समस्याएँ हैं—गरीबी, हिंसा, भ्रष्टाचार, पारिवारिक विघटन, तनाव, अनिद्रा, अकेलापन, नशा, असंतोष, युद्ध और नैतिक पतन। देखने में ये सब अलग...

Read Free