मैं तेरा राज दुलारा

by Mahipal in Hindi Poems

मैं ढग-ढग उछलते सागर सा हूं, उसकी आंखों का तारा हूं मुझे रोक मत तू मेरी मंजिल से मैं पाषाण की तरह कठोर हुं! हिंद मेरी छवि ...Read More